ये हैं सूरत की 'पैड दादी', दिन भर सैनिटरी पैड्स बांटकर शाम को लौटती हैं घर
मीना कहती हैं कि 5 साल पहले उन्होंने देखा कि वहां दो लड़कियां कचरे से पैड बीन रही हैं. लड़कियों ने बताया कि वो इस्तेमाल किए हुए पैड को धोकर ख़ुद इस्तेमाल करती हैं. मीना आज भी वो दिन याद कर सिहर उठती हैं.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2siDWpc
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